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गांव का सच और हमारी सोच, पगडंडी से चौपाल तक

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गांव का सच और हमारी सोच  पगडंडी से चौपाल तक,  शोर में दबा हुआ सच गांव की पगडंडी पर जब हम चलते हैं, तो पैर के नीचे सिर्फ मिट्टी नहीं होती, बल्कि पूरी एक कहानी होती है, कई पीढ़ियों का एक इतिहास होता है। यह वही मिट्टी है जिसने हमें चलना सिखाया, जिसने हमारे दादा-परदादा को अन्न दिया। यह खेत, यह बगिया, यह पोखरा, यह बरगद के नीचे की चौपाल, यह सब हमारी पहचान है। शहर में लोग एड्रेस से पहचाने जाते हैं, गांव में लोग मिट्टी से पहचाने जाते हैं। दरअसल इसी मिट्टी के नीचे में हमारी जड़ें हैं। पर आज जब उसी पगडंडी पर चलते हुए मैं लोगों की आंखों में देखता हूं, तो एक अजीब सा बोझ दिखता है। चेहरे पर झुर्रियां तो पहले भी थीं, पर अब उन झुर्रियों में चिंता ज्यादा है। आंखों में थकान ज्यादा है। लोग हंसते तो हैं, पर वह हंसी खुलकर नहीं निकलती। लगता है जैसे भीतर कुछ घुट रहा है। आज का समय बड़ा अजीब है। अब गांव में भी चारों तरफ शोर है। सुबह-सुबह मंदिर में लाउडस्पीकर पर भजन, दोपहर में टीवी पर नेता लोगन की बहस, शाम को मोबाइल में टिक-टिक नोटिफिकेशन, और बाजार में सब्जी वाले की चिल्लाहट। इतना शोर है कि आ...

"गरीब और अमीर", दुनिया में दो ही जाति और धर्म

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"गरीब और अमीर",  दुनिया में दो ही जाति और धर्म.... आज की दुनिया में बस, दो ही जाति और धरम ! नए नजरिए से देखिए, तो दूर हो जाएगा भरम  !! अपना परंपरागत रूढ़िवादी चश्मा उतार कर फेंक दीजिए और नए सिरे से, नए नजरिए का साफ चश्मा पहन कर अपने अगल बगल से लेकर दुनिया भर को देखिए तो आपको मेरी उपरोक्त दो पंक्तियों का संदेश स्पष्ट दिखने लगेगा। यदि अभी भी कुछ धुंधला दिख रहा है, तो पूरा लेख अवश्य पढ़ें... दरअसल दुनिया भर का मानव समाज अनगिनत जातियों, धर्म, भाषाओं और रंगबिरंगी संस्कृतियों से भरा हुआ हैं। लोग अलग-अलग देशों में रहते हैं, अलग-अलग रीति-रिवाजों को मानते हैं। लेकिन अगर हम गहराई से देखें तो सच्चाई यह है कि मानव समाज वास्तव में सिर्फ दो हिस्सों में बंटा हुआ है, गरीब और अमीर। यह विभाजन न किसी देश की सीमा से जुड़ा है, न किसी रंग या भाषा से। यह वह रेखा है जो हर इंसान के जीवन को सबसे गहरे स्तर पर छूती है। यह लेख इसी सच्चाई को सरल शब्दों में समझाने की कोशिश करता है। हम देखेंगे कि यह फर्क क्या है, यह कैसे पैदा होता है, इसका असर क्या है और सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न ये है कि इसे कैसे मिटाया जा ...