पिता जी की शादी : हास्य सफर, भावनाओं के साथ आज का दिन मेरे जीवन का सबसे अजीब, सबसे मजेदार और सबसे भावुक दिन था। मेरे पिता जी, जो 60 साल के हो चुके हैं, आज शादी कर रहे थे। हाँ, आपने सही सुना, शादी! और मैं, उनका 40 साल का बेटा, बारात में सबसे आगे खड़ा था, घोड़ी पर चढ़े पिता जी को देखकर सोच रहा था कि कहीं यह सपना तो नहीं। मेरी माँ, जिन्हें मैं कभी जान नहीं पाया, मेरे जन्म के साथ ही इस दुनिया से चली गई थीं। पिता जी ने मुझे अकेले पाला, बड़ा किया और अब वे अपने बुढ़ापे का सहारा ढूंढ रहे थे। नई माता जी आ रही थीं, और पूरा परिवार उनकी खुशी में शामिल था। लेकिन मेरे मन में क्या चल रहा था ? चलिए, मैं आपको पूरी कहानी सुनाता हूँ, एक ऐसी कहानी जो हँसी से शुरू होती है, भावनाओं में डूबती है, और फिर हँसी के साथ खत्म होती है। यह हास्य रचना 3000 शब्दों से ज्यादा की है, तो चाय की प्याली थामिए और तैयार हो जाइए एक रोलरकोस्टर राइड के लिए! जोर का झटका, धीरे से – जब पिता जी ने ऐलान किया सब कुछ उस दिन शुरू हुआ जब मैं ऑफिस से घर लौटा। मैं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ, 40 की उम्र में भी सिंगल, और घर में पित...