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समय की साक्षी: घड़ी की आत्मकथा से जीवन की प्रेरणा

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समय की चुप साक्षी, की आत्मकथा से जीवन की प्रेरणा...                           "मैं घड़ी हूं..."    (युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक दृष्टिकोण) लेखक: मनोज भट्ट, कानपुर   संपादन: गायत्री भट्ट   ब्लॉग: सामाजिक ताना-बाना            मनोज भट्ट जी द्वारा रचित यह "घड़ी की आत्मकथा" यह वाक्य मात्र नहीं, बल्कि एक जीवनदर्शी की पुकार है। और न ही केवल एक उपकरण की कहानी है, बल्कि समय के साथ चलने, उसे समझने और उसका सम्मान करने की प्रेरणा देती है।       किशोरावस्था और युवा जीवन में, जब सपनों की उड़ान और चुनौतियों की आंधी साथ-साथ चलती है, तब यह लेख एक मार्गदर्शक की तरह सामने आता है।   समय: सबसे मूल्यवान संसाधन     आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी पूंजी " समय"  है। उदाहरण देखिए और समझिए कि जिन्होंने समय की कीमत को समय से पूर्व समझा, आज अपने अपने क्षेत्र में सफलता से उनकी अलग ही पहचान से है। जैसे... * बिल गेट्स ने Microsoft की नींव तब रखी जब वे...